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भारतीय कृषि

भारतीय कृषि

भारत मे 48.9 % श्रम शक्ति कृषि पर आधारित हे ओर भारत देश की राष्ट्रीय आय मे विकास करने के लिए कृषि का विकास बहोत आवश्यक हे | भारतीय कृषि से भारत की राष्ट्रीय आय मे 14 % की सहायता मिलती हे ओर प्रारंभ मे इसके विकास के लिए भारत सरकार की तरफ से RRB ओर NABARD (मुंबई) की स्थापना की गयी ये दोनों संस्थाए राष्ट्रीयकृत नहीं हे क्योकि इन दोनों संस्थाओ मे 51% शेयर भारत सरकार से नहीं लगे हुए हे | ओर इन संस्थाओ का मुख्य उद्देश्य भारत के किसानो को ज्यादा से ज्यादा पेसे उपलब्ध कराकर कृषि कार्य कराने के लिए प्रोतसाहित करना हे |
भारत मे कृषि के विकास के लिए 1967 मे डा स्वामिनाथन के द्वारा प्रथम हरित क्रांति चलायी गयी थी ओर 1983 मे दूसरी हरित क्रान्ति चावल के लिए चलायी गयी थी |
विश्व मे हरित क्रान्ति के जनक डाक्टर बोरलोग हे | ओर बोरलोग पुरुषकार कृषि क्षेत्र मे योगदान देने के लिए प्रदान किया जाता हे |
कई सारी क्रांति या अलग – अलग फसलों के लिए चलायी गयी हे जेसे की
सुनहरी क्रांति – जुट उत्पादन से संबन्धित हे ओर पीली उत्पादन सरसों उत्पादन से, श्वेत क्रांति दूध उत्पादन से नीली क्रांति मछली उत्पादन से , गोल क्रांति आलू उत्पादन से संबधित हे |भारत मे स्वेत क्रांति के जनक डाक्टर वर्गीज़ कुरियन हे जो की अमूल के संस्थापक थे |भारत में फासलों के आधार पर कोन सा राज्य प्रथम स्थान पर है इस प्रकार है –

  फसल

 राज्य

 गेहु उतरप्रदेश
 चावल  पश्चिम बंगाल
 सोयाबीन  म प्र
 काफी ,सन फ्लावर  कर्नाटक
 चाय  असम
 जुट  पश्चिम बंगाल
 दलहन  म प्र
 तिलहन  गुजरात
 कपास ,आलू  गुजरात
 तम्बाकू  आंध्रप्रदेश
 रबड़  केरल
 हल्दी  आंध्रप्रदेश
 गरम  मसाले  केरल
 अंगूर  महाराष्ट्र ,नासिक
 प्याज  महाराष्ट्र
 केसर  जम्मू कश्मीर
 रेशम  कर्नाटक
 गन्ना  उतरप्रदेश
 मक्का  कर्नाटक
काजू ,नारियल  केरल
भारत मे प्रमुख रूप से तीन प्रकार की फासले पायी जाती हे | इनके अंदर रबी , खरीफ नगदी की फ़्स्ले आती हे |
रवि की फसल – oct. – Nov मे बोई जाती हे | ओर मार्च अप्रेल मे काट ली जाती हे | ओर इसके अंदर गेहु , चना ,मटर , फसले आती हे ज्वार ,मक्का ,बाजरा ओर सोयाबीन खरीफ की फसलों मे आती हे ओर तंबाकू गरम मसाले नगदी फसलों के अंदर आते हे |
Note : मक्का मे व्हाइट बड ओर धान मे खेरा रोग जस्ता की कमी से होता हे
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