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Modern History (आधुनिक भारत )

आधुनिक भारत

1857 की क्रांति

29 मार्च 1857 ईस्वी को मंगल पांडेय नामक एक सैनिक ने बैरकपुर में गाय की चर्बी मिले कारतूसों को मुँह से काटने से स्पष्ट माना कर दिया था ,फलस्वरूप उसे गिरफ्तार कर 8 अप्रैल 1857 ईस्वी को फांसी दे दी गयी | 10 मई 1857 ईस्वी के दिन मेरठ से 1857 ईस्वी की क्रांति की शुरुवात हुई |
1857 ईस्वी की महँ क्रांति के प्रमुख केंद्र
दिल्ली – बहादुरशाह जफ़र बख्त खा के नेतृत्व में
कानपूर – नाना साहब ,तात्या के नेतृत्व में
लखनऊ – बेगम हज़रत महल के नेतृत्व में
झांसी – रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व में
जगदीशपुर -कुँअर सिंह के नेतृत्व में
बरेली – खान बहादुर खा के नेतृत्व में |

 

1885 –
जब भारत में अंग्रजो ने अपना शासन स्थापित कर लिया तब इन्होने भारत की जनता को सबसे ज्यादा परेशान करना शुरू किया भारतीयों को मन में एक एसी राजनैतिक पार्टी बनाने की मांग बड़ी जो भारत की जनता की मांगो को अंग्रजो तक पहुंचा सके जिस कारन 1885 में कांग्रेस की स्थापना बम्बई में कर दी गयी जिस समय भारत में कोंग्रेस का निर्माण हुआ था उस समय बंगाल का गवर्नल जरनल लार्ड डफरिन था |
1886 –
1886 में यह कांग्रेस पुरे भारत देश में फेल गयी और अब यह एक राष्ट्रिय पार्टी बन गयी थी |
1887 –
में दादाभाई नैरोजी ने इंगलेंड में भारतीय सुधार समिति की स्थापना कर दी और इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रजो की नीतियों का विरोध करना था |
1892 –
में दादाभाई नैरोजी ने ब्रिटेन के फिन्सवरी नामक स्थान से सांसद का चुनाव लड़ा और ब्रिटेन की सांसद पहुंचने वाले यह पहले भारतीय थे |
1905 –
20 जुलाई 1905 को बंगाल के गवर्नल लार्ड कर्जन ने बंगाल विभाजन की घोषणा कर दी जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता में स्वदेशी आंदोलन आरंभ किया पर फिर भी लार्ड कर्जन ने 15 अक्टूबर 1905 को बंगाल का विभाजन प्रारंभ कर दिया |
1906 –
में आगा खान और नवाब सलीम मुल्लाद खान ने मुस्लिम लीग की स्थापना कर दी इसका सविधान कराची में बना और इसका पहला अधिवेशन अमृतसर में आयोजित किया गया |
1907 –
में कांग्रेस का सूरत अधिवेशन प्रारंभ किया गया इसमें कांग्रेस नरम दल और गरमदल में बट गयी इस अधिवेशन की अध्यक्षता रास बिहारी बोस ने की थी |
1908 से 1910 की बीच में भारत में क्रांतिकारी गतिविधिया सक्रिय होगयी इस समय कई क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान दे दिया खुदिराम बोस पहले युवा क्रन्तिकारी और अस्फाक उल्ला खा पहले मुस्लिम थे जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया था इस समय पुरे भारत देश में अराजकता का माहौल निर्मित हो गया |
1911 –
में लार्ड हार्डिंग बंगाल का गवर्नर जनरल बना गवर्नल जनरल बनते ही इसने बंगाल का विभाजन रद्द कर दिया और भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली बनाने की घोषणा कर दी |
1912 –
में भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली बना दी गयी |
1913 –
में लाला हरदयाल ने फ्रांसिको में ग़दर पार्टी की स्थापना कर दी इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य भारत में क्रांतिकारियों गतिविधियों में सक्रीय करना था इस पार्टी के प्रथम अध्यक्ष सोहनसिंह भाकनाथ थे |
1915 –
1915 में साऊथ अफ्रीका से वकालत करके महात्मा गाँधी भारत देश वापस लोटे और भारत लौटते ही इन्होने भारतीयों से प्रथम विश्व युद्ध में हिस्सा लेने के लिए कहा जिस कारन महात्मा गाँधी को भर्ती करने वाला सर्जेंट कहा जाता हे |
महात्मा गाँधी को ब्रिटिश सरकार के द्वारा कैंसर – ए – हिन्द की उपाधि से सम्मानित किया |
1916 –
में भारत में 2 जगह होम रूल लिंग ,पार्टी की स्थापना कर दी गयी इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य भारत में स्वशासन की स्थापना करना था पुणे में बालगंगाधर तिलक और मद्रास में श्रीमती एनीबेसेन्ट ने स्थापना की थी |
1917 –
में गाँधी जी के आंदोलन प्रारंभ हो गए इन्होने अपना सबसे पहला आंदोलन बिहार के चमपारण जिले में निल की खेती पर प्रयुक्त होने वाले टैक्स के विरोध में चलाया | और इसके बाद 1918 में गुजरात में खेड़ा जिले में ‘’कर-नहीं’’ आंदोलन चलाया और फिर अहमदाबाद में सफल भूख हड़ताल की | उपर्युक्त तीनो आंदोलन में महात्मा गाँधी सफल रहे जिस कारन ब्रिटिश सरकार ने रोलेट एक्ट पारित करने का विचार बना लिया |
1919 –
19 मार्च को ब्रिटिश सरकार ने रोलेट एक्ट पारित कर दिया , इस एक्ट के अनुसार किसी भी संदेह व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता था | जिस कारन अलीपुर बम कांड में सैफुद्दीन किचलू को गिरफ्तार कर लिया गया | और इनकी गिरफ़्तारी का पुरे भारत देश में व्यापक पैमाने पर विरोध किया गया | इसका विरोध जताने के लिए 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियावाला बाग नामक स्थान पर एक विशाल सभा का आयोजन किया गया |और इस सभा में जनरल डायर ने अन्धाधुन गोलीय बरसा दी जिसमे 1000 से ज्यादा भारतीय मारे गए और मॉडर्न हिस्ट्री में हत्या कांड जलियावाला बाग हत्याकांड के नाम से जाना जाता हे |और इसकी जाँच करने के लिए हंटर कमीशन बैठा |
1920 –
1 अगस्त 1920 को महात्मा गाँधी ने असहयोग आंदोलन प्रारंम्भ किया | लेकिन 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर के चोरी – चोरा हत्याकांड के कारन ये आंदोलन स्थगित कर दिया गया और भारत में अंग्रजो की एक बार फिर से नीव स्थापित होगयी|
1923 –
में इलाहबाद में मोतीलाल नेहरू और चितरंजन दास ने मिलकर स्वराज पार्टी की स्थापना कर दी इस का मुख्य उद्देश्य भारत का सविधान बनाना था |
1924 –
में कर्नाटक के बेलगाव में कांग्रेस अधिवेशन प्रारंभ किया गया महात्मा गाँधी को इस अधिवेशन का पहली बार और आखरी बार अध्यक्ष नियुक्त किया गया | और महात्मा गाँधी ने स्वराज पार्टी की मांगो का समर्थन किया |
1927 –
भारत का सविधान बनाने के लिए 1927 में साइबन कमीशन की नियुक्ति की गयी और इसने ३ फरवरी 1928 को भारत में प्रवेश किया क्यों की इस साइमन कमीशन के सभी सदस्य अंग्रेज थे जिस कारन इसका व्यापक पैमाने पर विरोध किया गया | सबसे ज्यादा विरोध लाला लाजपतराय ने किया था जिस कारन इन्हे लाठियों का प्रहार सहना पड़ा और अंग्रजो का इस करतूतों का पुरे भारत देश में व्यापक पैमाने पर विरोध किया गया |
1926 –
अखिल भारतीय महिला संघ की स्थापना हुई |
1927 –
बटलर कमिटी – सरकार व् राज्यों के बीच सम्बन्धो को सुधारना |
1928 –
नेहरू रिपोर्ट अध्यक्ष – अंसारी + मोतीलाल
1929 –
1929 में अंग्रेज का लाहौर अधिवेशन प्रारंभ किया गया | और जवाहरलाल नेहरू को इस अधिवेशन का अध्यक्ष बनाया गया |और इसी अधिवेशन में पूर्ण स्वराज्य का संकल्प लिया गया | और भारत का सविधान बनाने के लिए गोलमेज सम्मेलनों के बारे में चर्चा की गयी |
1930 –
में प्रथम गोलमेज , 1931 में दितीय गोलमेज ,1932 में तृतीय गोलमेज की चर्चा की गयी , इन गोलमेज सम्मेलनों से भारत का सविधान 40 % पूरा हो गया | और तीनो में भीम राव अम्बेडकर ने हिस्सा लिया था और महात्मा गाँधी ने दितीय गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लिया था |
1935 –
1935 में भारत सरकार सुधार अधिनियम पारित किया गया | और यहाँ से भारत में सांसदों की सीटे निर्धारित की गयी | निर्धारित की गयी सीटों से भारत का मुस्लिम वर्ग सहमत नहीं हुआ | जिस कारन 1940 में मोहम्मद अली जिन्ना ने एक अलग पाकिस्तान बनाने की मांग की | इसकी मांगो को दबाने के लिए 1942 में क्रिप्स – मिशन पारित किया गया |इस क्रिप्स मिशन में भारत का सविधान लगभग 60 % पूरा कर दिया गया | लेकिन अंतिम सविधान 1946 में गठित केबिनेट मिशन के द्वारा लाया गया | और लार्ड माउन्ट बेटन योजना के अनुसार भारत और पाकिस्तान नाम के दो देश बना दिए गए | इन दोनों देशो के बीच एक सीमा रेखा का निर्धारण किया गया जिसे रेडक्लिफ रेखा के नाम से जाना जाता हे | यह सीमा रेखा चार राज्यों को स्पर्श करती हे |जिनके अंतर्गत जम्मूकश्मीर , पंजाब , राजस्थान , गुजरात आते हे | और कई वर्षो की गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत देश स्वतन्त्र हो गया | और इसका सविधान 26 जनवरी 1950 को लागु कर दिया गया |
नोट : 1938 – कांग्रेस हरिपुर अधिवेशन , इसमें योजना आयोग की धरना प्रस्तुत की गयी थी |
जिस समय भारत में कांग्रेस बानी थी उस समय बंगाल का गवर्नल जनरल लार्ड डफरिन था |
कोंग्रेस पार्टी से सम्बंधित महत्वपूर्ण पॉइंट 
कोंग्रेस के पहले अध्यक्ष – व्योमकेश चंद्र बेनर्जी थे
पहले अंग्रेज अध्यक्ष – जार्ज -यूल
पहले युवा अध्यक्ष – मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद थे
पहली भारतीय महिला अध्यक्ष – सरोजनी नायडू थी
पहली महिला अध्यक्ष – एनी बेसेंट थी
पहली मुस्लिम अध्यक्ष – बदरुद्दीन तयब थे |
नोट : Important Points
  • 1919 – 1920 में भारत में मोहम्मद अली और सोकत अली ने तुर्की के खिलाफ मुस्तफा कमाल पाशा के समर्थन में और अंग्रेजो के विरोध में खिलाफत आंदोलन प्रारंभ किया था | यह आंदोलन सबसे पहले मुंबई में प्रारंभ किया गया ,इस आंदोलन के अध्यक्ष महात्मा गाँधी को नियुक्त किया गया था |महात्मा गाँधी के गुरु का नाम गोपाल कृष्ण गोखले था इनके गुरु का नाम महादेव गोविन्द रनाडे था और इनके गुरु का नाम केशवदास था और केशवदास के गुरु का नाम रामदास था |
  • 1930 में महात्मा गाँधी ने असहयोग आंदोलन के बाद दूसरा व्यापक पैमाने पर सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ किया | यह आंदोलन सबसे पहले कानपुर में आरम्भ किया गया था |और यह 1931 में लार्ड इरविन समझौते के बाद बंद कर दिया गया जिसके तहत महात्मा गाँधी दूसरे गोलमेज पर सम्मेलन में पहुंचे थे |
  • 8 अगस्त 1942 को महात्मा गाँधी ने भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ किया और यह आंदोलन सबसे पहले बम्बई और कोलकाता से प्रारंभ किया गया था | और इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजो को तुरंत भारत छोड़ने के लिए मजबूर करना था और यह आंदोलन 1942 में क्रिप्स मिशन के आने के साथ ही बंद हो गया | इसी आंदोलन में अरुणा अली ने भूमिगत कार्य कलापो के महिला संगठन ऊर्जा का काम किया |
ध्यान रखिये फीनिक्स फर्म – स्थापना – महात्मा गाँधी की थी |

 

वायसराय
प्रथम गवर्नर – राबर्ट क्लाइव
प्रथम वायसराय – लार्ड केनिंग (1858 – 1862 )
स्वतन्त्र भारत के पहले गवर्नल जनरल – लार्ड माउंटबेटेन
सवतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर – राजगोपालचारी |

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