Home » Physics (भौतिक विज्ञानं ) » Physics Gk : Electricity | विद्युत

Physics Gk : Electricity | विद्युत

Electricity

विद्युत धारा (Current electricity ) :– किसी चालक में आवेश के इसी प्रवाह को विद्युत धारा कहते हे धारा निम्न विभव से उच्च विभव की और प्रवाहित होती हे धारा का प्रवाह इलेक्ट्रानो की प्रवाह की विपरीत दिशा में होता हे अर्थात धनात्मक आवेश के प्रवाह की दिशा ही विधुत – धारा की दिशा मानी जाती हे|

विधुत धारा का मात्रक एम्पिरिएर (ampere -A )होता हे |
प्रतिरोध (resistance ):- किसी चालक का वह गूढ़ जो उसमे प्रवाहित धारा का विरोध करता हे ,प्रतिरोध कहलाता हे प्रतिरोध का SI मात्रक ओम हे |
विशिष्ट प्रतिरोध (Specific resistance or resistivity ):- किसी चालक का प्रतिरोध उसके लम्बाई का समानुपाती तथा उसके अनुप्रस्थ काट के सेत्रफल का व्युत्क्रमानुपाती होता हे|
विधुत बल्ब (Electric bulb ):- विधुत बल्ब का अविष्कार थामस एल्वा एडिसन (Thomas  Edison ) ने किया था इसमें टंगस्टन धातु का तंतु (फिलामेंट ) लगा होता हे टंगस्टन के अक्षीकरण को रोकने के लिए बल्ब के अंदर नाइट्रोजन या ऑर्गन गैस भर दी जाती हे ताकि उच्च ताप पर टंगस्टन का वाष्पीकरण न हो |
प्रत्यावर्ती धारा (Alternating current ,a .c ):- यह एक ऐसी धारा हे ,जिसका परिणाम एवं दिशा समय के साथ बदलते हे यह धारा पहले एक दिशा में शून्य से अधिकतम व् अधिकतम से शून्य तथा फिर विपरीत दिशा में शून्य से अधिकतम व् अधिकतम से शून्य हो जाती हे|
दिष्ट धारा (D .c ) :- यह एक ऐसी धारा हे जिसका परिणाम एवं दिशा समय के साथ नहीं बदलती हे |
ओम  का नियम – यदि चालक की भौतिक अवस्था जैसे – ताप आदि में कोई परिवर्तन न हो तो चालक के सिरों पर लगाया गया विभवांतर उसमे प्रवाहित धारा के अनुक्रमानुपाती होगा ,यदि किसी चालक के दो बिन्दुओ के बीच विभवांतर V volt हो तथा उसमे प्रवाहित धारा I एम्पियर हो तो ओम  नियम अनुसार  V ∝ I या V = RI जहा ,R एक नियतांक हे , जिसे चालक का प्रतिरोध कहते हे |
विधुत सेल (electric cell ) :-
यह परिपथ में दो बिन्दुओ के बीच आवशयक विभवांतर बनाकर विधुत धारा के प्रवाह को लगातार बनाये रखने वाली युक्ति हे |
इसमें दो धातुओं की छाडे होती हे ,जिन्हे केथोड और एनोड कहते हे |
ये छाडे विब्भिन्न प्रकार के विलियनो में डूबी हुई रहती हे ,जिन्हे विधुत अपघट्य (electrolytes )कहते हे |
प्राथमिक सेल –इनमे रसायनिक ऊर्जा सीधे विधुत ऊर्जा में परिवर्तित होती हे|
द्वितीयक सेल –इनमे पहले विधुत ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में फिर रासायनिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता हे |
फ्यूज़ -यह टीन एवं लेडकी एक मिश्र धातु हे जिसका गलनांक कम एवं प्रतिरोध उच्च होता हे जब विधुत धारा का मान परिपथ में बढ़ता हे फ्यूज़ का तार गलनांक कम होने के कारन गल जाता हे यह परिपथ में श्रेदीक्रम में जोड़ा जाता हे|
डायनमो – यांत्रिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में बदलने वाला यंत्र हे |
ट्रांसफार्मर – यह एक युक्ति हे ,जो प्रत्यावर्ती धारा की उच्च वोल्टता को निम्न वोल्टता एवं निम्न वोल्टता को उच्च वोल्टता में बदलती हे |
(1) Step up type ट्राँफार्मर निम्न वोल्टता को उच्च वोल्टता में बदलता हे |
(2) Step up type ट्रांसफार्मर उच्च वोल्टता को निम्न वोल्टता में बदलता हे |

Maths Course

Job Opportunity @ CGT

Exciting opportunity to reach those who need you all over India. We here at “Crazy Gk Trick” hiring the professionals in Competitive Exam in following fields.

– Reasoning,
– English,
– Aptitude,
– Other Subjects

*Special Packages*

Upload your Resume
prs.cgt@gmail.com

For More details
Contact us – 9131797568 | 8871446294

Click and Pay

error: Content is protected !!